आधुनिक युग चल रही

आधुनिक युग चल रही
नई नई आविष्कार हो रही।
प्रतिस्पर्दा की दौड़ चल रही,
आगे निकलने की होड़ बढ़ रही।
यहाँ किसी से कोई कम नही,
आधुनिक युग चल रही।

गाँव शहर में बदल रही,
झोपड़िया की शकल मकान में बदल गयी।
बैलगाड़ी की दुनिया निकल गयी,
बस,कार, मोटरसाईकिल हवाई जहाज ने ले ली।

घंटो की रास्ता मिनटो में बन गयी,
गाँव की पगडन्डी सड़क में बदल गयी
आधुनिक युग चल रही।

चिट्ठी पत्री की लेखन कम हो गयी,
मोबाईल ने अपनी पैर पसार ली।
वेब दुनिया आज सारी दुनिया की,
अखबारो से पहले समाचार सुना रही।
आधुनिक युग चल रही।

धिरे धिरे दुनिया बदल रही,
अपने सुख शांति खोती जा रही।
विलासता की जिन्दगी बिता रही,
अपनो के लिए समय नही।
फेसबुक और वाट्सप में दिन गुजार रही,
अपनी मित्रो की संख्या बढ़ा रही।
आधुनिक युग चल रही।
###############################

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें