गरीब मजदूर

अपने पेट के लिए जीते है,
कभी धुप तो कभी छाव पे चलते है।
अपनी परिश्रम से ,
बंजर को भी स्वर्ग बना देते है। 

इनका अपना कोई घर नहीं,
दूसरो का घर बनाते है।
दो वक्त कि रोटी के लिए,
दर दर भटका करते है।

इनकी अपनी कोई जगह नहीं,
काम के तलाश में रहते है।
जहाँ काम मिल जाये, 
वही ठहर जाते हैं।

क्या गर्मी, क्या सर्दी, क्या ठण्ड,
इनको नही हिला पाते है।
अपनी दो वक्त की रोटी के लिए,
दिन भर परिश्रम करते है।

इनके बच्चे भी हालात से मजबूर है,
खाने के लिए ​काम करते है।
इनकी अपनी कोई भविष्य नहीं,
केवल ठोकर खाते है।

बच्चे भी अपने हालात पर रोते है,
इनका अपना कोई नहीं होते है।
इनका अपना सपना भी टूट जाते है,
गरीबी की आँधी में चूर चूर हो जाते है। 


दिन भर परिश्रम कर थक जाते है,
शाम को ​अपने ठिकाने पर आते है।
ना चोर का डर ना चोरी का,
रात भर शांति से चैन की ​नींद सोते हैं।

अपनी रोजी रोटी के लिए,
दर दर भटका करते हें।
तभी लोग इन्हे,
गरीब मजदूर कहते है।
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नाम —हेमलाल साहू
ग्राम—गिधवा, पोस्ट नगधा,
थाना—नांदघाट, तह—नवागढ़
जिला—बेमेतरा, छत्तीसगढ़
मो.नं.—9907737593
Email Id- hemlalshahu@gmail.com

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